देव दीपावली पर कैथी स्थित मार्कंडेय महादेव घाट से गंगा गोमती संगम घाट तक सवा लाख दीपों से जगमगा उठा। मां जाह्नवी प्रज्ञा सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में दोपहर से ही दीपक सजाने, बाती रखने और तेल डालने के कार्य में बच्चे और महिलाएं लए गईं।
शाम होते ही दीप प्रज्वलन प्रारंभ हुआ और देखते ही देखते लगभग एक किलोमीटर लंबा गंगा गोमती का तट दीपों से जगमगाने लगा। दूर दराज से हजारों की संख्या में आए भक्तों ने मार्कंडेय महादेव धाम में दर्शन करके दीप दान किया। हजारो दीपकों के प्रवाहित किये जाने से गंगा की छवि और आकर्षक हो गई थी। मां गंगा का पूजन कर आरती की गई। गंगा तट पर भक्तिपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम वाराणसी के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया गया। वहीं, कैथी स्थित छोटा शिवाला घाट पर भी स्थानीय युवकों द्वारा आकर्षक दीप मालाएं सजाईं गईं।
देव दीपावली पर दीयों से जगमग हुआ वरुणा घाट
सेवापुरी। पंचक्रोशी मार्ग पर रामेश्वर वरुणा घाट शुक्रवार को गोधूलि बेला में 5100 दीयों से जगमगा उठा। मंत्रोच्चार, शंख, घड़ी, डमरू व नगाड़े सहित वरुणा की जय-जयकार से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। हजारों दीपों की मद्धिम रोशनी वरुणा नदी में उभरता नयनाभिराम दृश्य जैसे लग रहा था कि जमीं पर सितारे उतर आये हों।
दीपों से सजा वनस्पति दरबार
दानगंज। नियार स्थित वनस्पति मंदिर का शृंगार किया गया। मंदिर को दीयों और लाइटिंग से सजाया गया। गोमती के किनारे गोमती के घाट पर हजारों दीपक जगमग हुए। क्षेत्रीय महिला और पुरुषों ने गोमती के किनारे दीप प्रज्वलन कर सेल्फी ली।