इसके बाद वर्ष 1999 के चुनाव में दो लाख 40 हजार 592 वोट पाकर उन्होंने 11 हजार से ज्यादा मतों से जीत दर्ज की थी। वर्ष 2014 के चुनाव में लगभग साढ़े 32 हजार मतों से उन्होंने कामयाबी का परचम लहराया था। उनको तीन लाख छह हजार 929 मत मिले थे। इस चुनाव में बाजी मारने के बाद मोदी सरकार में उन्हें रेल राज्यमंत्री के साथ ही संचार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। 2019 लोकसभा चुनाव में वह बसपा के सांसद अफजाल अंसारी से हार गए थे।
उत्तर प्रदेश के 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ऐतिहासिक जीत मिली थी। उस समय मनोज सिन्हा रेल राज्यमंत्री के साथ ही संचार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) थे। मनोज सिन्हा यूपी विधानसभा चुनाव जीत के बाद मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे थे।
वो दिल्ली से वाराणसी पूजा करने पहुंच गए थे और उन्हें उम्मीद थी कि वह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। लेकिन पार्टी की ओर से योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाया गया। मनोज सिन्हा की गिनती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भरोसेमंद नेताओं में होती है। ऐसे में अब एक बार फिर केंद्र सरकार की ओर से मनोज सिन्हा को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।