संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय मैदान में क्रिकेट
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पीएमओ ने मांगी जानकारी
प्रधानमंत्री ने आज मन की बात में जिस क्रिकेट की बात की थी उसके बारे में पीएमओ ने भी कुछ दिन पहले जानकारी मांगी थी। जल्द ही विश्व फलक पर काशी का यह अनोख संस्कृत क्रिकेट नए कलेवर में नजर आएगा। संस्कृत में फलकम, कंदुकम और त्रिदंडम की यह नई कमेंट्री दुनिया को सुनने को मिलेगी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध शास्त्रार्थ महाविद्यालय की ओर से प्रतियोगिता का आयोजन पिछले दस सालों से किया जा रहा है।
भारतीय संस्कृति और देवभाषा से जुड़ने के कारण हर साल होने वाला यह आयोजन काशी ही नहीं देश भर के संस्कृत, संस्कृति और क्रिकेट प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र है। केंद्र की मोदी सरकार संस्कृत और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कई स्तर पर प्रयास कर रही है। बटुकों के क्रिकेट के बारे में पीएमओ कार्यालय की रूचि भी उसी प्रयास का एक हिस्सा बताया जा रहा है।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय मैदान में क्रिकेट (फाइल फोटो)
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धोती-कुर्ता और त्रिपुंड लगाकर खेलते हैं खिलाड़ी
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के खेल के मैदान पर संस्कृत क्रिकेट के दौरान सभी खिलाड़ी पारंपरिक वेशभूषा धोती-कुर्ता और माथे पर त्रिपुंड लगाकर मैदान पर उतरते हैं। मैच की कमेंट्री भी संस्कृत में होती है तो अंपायर भी पारंपरिक परिधान में रुद्राक्ष की माला पहने अपना निर्णय देते हैं।