नाविक समाज के अध्यक्ष प्रमोद मांझी ने घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि क्रूज संचालक मनमानी कर रहे हैं। जिला प्रशासन और पुलिस से हमारी मांग है कि गंगा में चलने वाले क्रूज को घाटों के किनारे न चलाया जाए। क्रूज को गंगा के बीचोंबीच चलाया जाए। क्रूज के गंगा घाटों के किनारे चलने पर छोटी नावों को नुकसान होता है और हादसे की आशंका भी बनी रहती है।
सवा दो साल पहले अलकनंदा क्रूज टकराया था नावों से
सितंबर 2021 में अलकनंदा क्रूज दुर्घटनाग्रस्त होने से बचा था। दरअसल, क्रूज के कूलिंग सिस्टम में कुछ खराबी की वजह से उसका इंजन गर्म हो रहा था। उसे देखते हुए अस्सी घाट के किनारे इंजन को बंद कर खराबी को ठीक किया जा रहा था। उसी दौरान तेज हवा के झोंके से क्रूज घाट की ओर खिसक कर वहां खड़ी नावों से टकरा गया था। इससे यात्रियों को कोई नुकसान तो नहीं हुआ था लेकिन क्रूज के शीशे और उसकी बॉडी के कुछ पार्ट चटक गए थे।