मौके पर पहुंची पुलिस ने हत्यारोपी को हिरासत में लेकर उच्चाधिकारियों को घटना से अवगत कराया। साथ ही मृतका के मायके वालों को बुलाकर उसकी पहचान कराई। बाद में मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष सरायलखंसी निहार नंदन के साथ सीओ नगर नरेश ने घटना स्थल का मुआयना किया।
इसके बाद युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृत युवती पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी है।
धमकी मिलने पर पीड़िता ने लगाई थी गुहार, नही हुई सुनवाई
मृतका ऊषा यादव अपने परिवार से अलग गांव के बाहर सरकारी आवास में रहती थी। गांव वालों के अनुसार, ऊषा को लगभग दस दिन से जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। इसकी शिकायत उसने सीओ और एसओ सरायलखंसी से भी की थी।
इस संबध में सीओ नरेश कुमार का कहना है कि मृतका का हत्यारोपी से मुकदमा चल रहा था। हत्यारोपी मुकदमा सुलह करने का दबाव बना रहा था। इसी को लेकर उसकी हत्या की गई। अन्य तथ्यों पर भी जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।