बीते एक साल से दोनों के बीच आए दिन झगड़ा हो रहा था। इसे देखते हुए पिछले सप्ताह दोनों का तलाक हुआ। इसके बाद विनोद बच्चों को लेकर बहन के घर रमना में ही रह रहा था। विनोद के भांजे रिंकू और गौरव ने बताया कि बुधवार को हर की तरह मामा काम से घर पर आए। दोनों बच्चों अंशु(3) वर्ष और प्रियांशु(5) वर्ष के साथ खाना खाने के बाद बाहर बरामदा में सो गए।
रात में एक बजे के बाद वह घर के मुख्य दरवाजे को बाहर से बंद कर साइकिल से दोनों बच्चों को लेकर सामनेघाट पुल पहुंचे। साइकिल खड़ी कर गंगा में कूद गए। रात 1.30 बजे छोटे भाई गौरव की नींद खुली और बगल में सो रहे मामा को गायब देखकर भाई को फोन किया। सभी ने घर से बाहर निकलना चाह लेकिन दरवाजा बाहर से बंद था। उन्होंने पड़ोसी को फोन कर दरवाजा खुलवाया। इसके बाद विनोद की तलाश में सभी जुट गए।
सामनेघाट पुल पर पहुंचने के बाद उनकी साइकिल दिखी। विनोद पत्नी के जाने के बाद बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित रहने लगा था। बड़ा भाई संतोष मां कान्ति देवी पिता कल्लू पड़ाव पर ही रहते हैं।