कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में डिजिटल व्यवस्था का ट्रायल पूरा हो चुका है। परिणाम सकारात्मक और उत्साहजनक हैं। इस नई व्यवस्था से मैन पावर के साथ ही समय की काफी बचत होगी।
आईपी एड्रेस से जुड़ेंगे महाविद्यालय के कैमरे
महाविद्यालय के सीसीटीवी कैमरों के आईपी एड्रेस को विश्वविद्यालय के आईटी कंट्रोल रूम से जोड़ दिया जाएगा। इस दौरान जिस महाविद्यालय के परिसर की निगरानी करनी होगी या प्राचार्य से संपर्क करना होगा तो वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बातचीत हो सकेगी।
नहीं पड़ेगी उड़ाका दल की जरूरत
विश्वविद्यालय की परीक्षाओं के दौरान उड़ाका दल की जरूरत नहीं पड़ेगी। विश्वविद्यालय से बैठे.बैठे ही सभी परीक्षा केंद्रों पर एक साथ निगरानी की जा सकेगी। संवेदनशील और शिकायत वाले परीक्षा केंद्रों को तुरंत ऑनलाइन चेक भी किया जा सकेगा।