श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में भगवान गणेश की पूजा करते सीईओ विश्वभूषण मिश्र
- फोटो : मंदिर प्रशासन
गौरीनंदन से अनुमति लेकर बाबा विश्वनाथ मंदिर में महादेव के विवाह का श्रीगणेश शुक्रवार को कर कर दिया गया है। अब आगे धाम के सभी विग्रहों का रुद्राभिषेक कर उन्हें जागृत किया जाएगा। श्री काशी विश्वनाथ धाम में स्थित प्रथम पूज्य श्री गणेश भगवान की विधि विधान से पूजा कर महाशिवरात्रि पर्व उत्सव की औपचारिक शुरुआत की गई। अब विवाह की तैयारियां और रस्में शुरू होंगी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्रा ने वैदिक मंत्रोच्चार पर धाम में भगवान गणेश की पूजा की।
महोत्सव को प्रारंभ करने की अनुमति मांगते हुए विघ्नविनाशक से प्रार्थना भी की गई। गणेश जी को वस्त्र, पुष्प, दुर्वा, माला, नैवैद्य, भोग अर्पित किया गया और उनकी स्तुति कर उनकी आरती भी उतारी गई। महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी। इसे लेकर मंदिर की सजावट और अन्य तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं।
शास्त्रीय महोत्सव में शनिवार से मंदिर में स्थित सभी प्रधान विग्रहों का रुद्राभिषेक कर उन्हें जागृत किया जाएगा, फिर उनकी आराधना होगी। सभी देवताओं का आह्वान कर महोत्सव में सहभागी हो श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। हर दिन होने वाले शास्त्रीय आयोजन होंगे।
मंदिर प्रशासन ने ब्रजवासियों का जताया आभारमथुरा स्थित श्री कृष्ण जन्मस्थली से बाबा विश्वनाथ के लिए श्रृंगार और पूजन सामग्री भेंट मिलने की सूचना का मंदिर प्रशासन ने आभार जताया है। शिव और कृष्ण भक्तों से भी महााशिवरात्रि में शामिल होने का आह्वान किया।
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मंदिर सीईओ विश्वभूषण मिश्रा ने कहा कि काशी धाम और ब्रज धाम के सांस्कृतिक संबंधों में नए अध्याय शुरू होंगे। इससे महाशिवरात्रि के महापर्व की गरिमा बढ़ गई है। इसी तरह से पवित्र तीर्थ जल योजना द्वारा काशी रामेश्वरम धाम का संबंध भी फिर से स्थापित हुआ। मथुरा का यह नवाचार पूर्ण रूप से हरि–हर के अद्भुत संबंध को दर्शाता है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास इस पावन भेंट के लिए श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर न्यास को धन्यवाद प्रेषित करता है।