जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेम गिरि महाराज ने बताया कि हनुमान घाट से जूना अखाड़े के साथ निरंजनी, आनंद, अग्नि, आवाहन अखाड़ा एक साथ विश्वनाथ मंदिर पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि जूना अखाड़े के पीठाधीश्वर व आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशनंद महाराज व निरंजनी के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज, आनंद अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर बालकानंद गिरि महाराज की अगुवाई में पेशवाई निकाली जाएगी। इसमें 12 रथ, डमरू, बैंडबाजे आदि शामिल रहेगा।
पंचायती अखाड़ा निरंजनी के श्रीमहंत रवींद्र पुरी महाराज ने बताया कि पांच अखाड़ों में निरंजनी और आनंद अखाड़े पीछे होंगे। 500 साधु-संत साथ चलेंगे। वहीं, शिवाला घाट से ही महानिर्वाणी व अटल अखाड़े की पेशवाई निकलेगी। महानिर्वाणी के थानापति विवेक भारती ने बताया कि गाजे-बाजे के साथ पेशवाई दोपहर 12 बजे से निकाली जाएगी।
विश्वनाथ मंदिर के सीईओ विश्व भूषण ने बताया कि नागा साधुओं व संतों को गेट नंबर चार से प्रवेश करवाया जाएगा। दर्शन के बाद वह इसी मार्ग से बाहर जाएंगे। दो से तीन घंटे तक दर्शन-पूजन कराए जाएंगे।
श्रीतपोनिधि पंचायती आनंद अखाड़ा सुबह पांच बजे जौ विनायक घाट (आदि केशवाघाट) और अग्नि अखाड़ा राजघाट से सुबह चार बजे नाव से निकलेंगे। आनंद अखाड़ा की पेशवाई दशाश्वमेध से गोदौलिया तक जाएगी। अग्नि अखाड़ा हनुमान घाट से पहुंच कर जूना, निरंजनी अखाड़े के साथ मिल जाएंगे। दशाश्वमेध घाट से आवाहन अखाड़ा निकल कर जूना अखाड़े के दल में गोदौलिया पर मिल जाएगा। दूसरी पेशवाई शिवाला से महानिर्वाणी व अटल अखाड़े के साथ निकलेगी।