महाशिवरात्रि के मद्देनजर श्री काशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र को छह जोन और 18 सेक्टर में विभाजित कर सुरक्षा व्यवस्था का खाका खींच लिया गया है। श्री काशी विश्वनाथ धाम के इर्द-गिर्द नियमित तैनात होने वाली फोर्स के अलावा 10 राजपत्रित अधिकारी, 19 इंस्पेक्टर, 389 सब इंस्पेक्टर और 1371 हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के कमांडो की दो टीम तैनात रहेगी।
महाशिवरात्रि पर विश्वनाथ धाम में आमजन के दर्शन-पूजन के अलावा सात अखाड़ों की पेशवाई भी निकलेगी। उसके अगले दिन 41 शिव बरात निकलेगी। इसके मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस कमिश्नरेट को तीन कंपनी एसएसबी, छह कंपनी पीएसी और एक कंपनी पीएसी बाढ़ राहत दल के जवान दिए गए हैं। छह क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) चौबीसों घंटे तत्परता के साथ तैयार रहेगी।
गंगा में जल पुलिस के जवान छह मोटरबोट से पेट्रोलिंग करेंगे। 21 गंगा घाटों पर जल पुलिस के जवान तैनात रहेंगे। गंगा में 18 पॉइंट्स पर 11 एनडीआरएफ के जवान तैनात रहेंगे। संपूर्ण मेला क्षेत्र में सात जगह खोया-पाया केंद्र बनाए गए हैं। टेथर्ड ड्रोन से मेला क्षेत्र और गंगा की निगरानी की जाएगी। मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील इलाकों में रूफ टॉप फोर्स तैनात की जाएगी।
उधर, इस संबंध में एडीसीपी काशी जोन सरवणन टी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहूलियत के लिए पुलिस तत्परता के साथ तैनात मिलेगी। पुलिस का सहयोग करते हुए श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन आराम से कर सकेंगे।