टेढ़ीनीम स्थित पूर्व महंत के आवास पर होने वाले वैवाहिक कर्मकांड के दौरान बाबा विश्वनाथ और गौरा की चल प्रतिमा के लिए मदुरै से वस्त्र भेजे गए हैं। मदुरै के मीनाक्षी सुंदेश्वर मंदिर के पुजारी पं. एसके रमन शास्त्री और उनकी पत्नी सुंदरता लक्ष्मी बाबा और गौरा के विवाह का जोड़ा लेकर बृहस्पतिवार को काशी पहुंचे। उन्होंने विवाह का जोड़ा पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी के पुत्र पं. वाचस्पति तिवारी को सौंपा।
पं. एसके. रमन शास्त्री ने कहा कि जब मुझे यह सूचना मिली कि विवाहपूर्व लोकाचार के लिए अयोध्या के प्रसिद्ध रामायणी पं. वैद्यनाथ पांडेय के पुत्र पं. राघवेश पांडेय ने अयोध्या से हल्दी भेजी है, मैंने उसी समय तय कर लिया था कि बाबा विश्वनाथ और माता पार्वती को अर्पित करने के लिए वस्त्रों का जोड़ा मैं अपनी तरफ से भेंट करूंगा।
उल्लेखनीय है कि एक तरफ काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा का विवाह होता है और ठीक उसी समय पूर्व महंत के आवास पर भी विवाह के विधान पूर्ण किए जाते हैं। यह परंपरा विश्वनाथ मंदिर के स्थापना काल से अनवरत चली आ रही है।