भूत भावन महादेव ने काशी की जनता को रंगभरी एकादशी पर आशीर्वाद दिया। दूसरी सुबह भोलेनाथ गणों के संग महाश्मशान मणिकर्णिका घाट पहुंच गए। बाबा ने गणों के साथ महाश्मशान पर चिता भस्म(राख) की होली खेली। शुक्रवार की सुबह से ही बाबा मशान नाथ की विधि विधान पूर्वक पूजा का दौर शुरू हुआ तो चारों दिशाएं हर-हर महादेव से गूंज उठीं।