वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये बांदा जेल से पेशी के दौरान आरोपी मुख्तार अंसारी ने बयान दर्ज होने के बाद अदालत में अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा। उससी मांग पर अदालत अगली सुनवाई नौ जनवरी को तय कर दी है।
विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) अवनीश गौतम की अदालत में फर्जीवाड़ा कर गाजीपुर से बंदूक का लाइसेंस प्राप्त करने के मामले में सुनवाई के दौरान वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये बांदा जेल से आरोपी मुख्तार अंसारी को पेश किया गया। मुख्तार अंसारी ने बयान दर्ज होने के बाद अदालत में अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा।
विज्ञापन
अदालत ने उसकी मांग को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई के लिए नौ जनवरी की तिथि तय कर दी। प्रकरण के अनुसार, मुख्तार अंसारी ने 10 जून 1987 को दोनाली बंदूक के लाइसेंस के लिए गाजीपुर के जिला मजिस्ट्रेट के यहां प्रार्थना पत्र दिया था। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के फर्जी हस्ताक्षर से संस्तुति प्राप्त कर उसने लाइसेंस प्राप्त कर लिया था।
फर्जीवाड़ा उजागर होने पर सीबीसीआईडी द्वारा चार दिसंबर 1990 को गाजीपुर के मुहम्मदाबाद थाने में मुख्तार अंसारी और तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर समेत पांच नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। अब इस मामले का विचारण अंतिम दौर में है।