रेवड़ी तालाब स्थित मदरसा जामिया फारूकिया में मदरसा बोर्ड की परीक्षा
- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी में मंगलवार से 11 केंद्रों पर शुरू हुई मदरसा बोर्ड की परीक्षा में पहले ही दिन 877 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। इसकी मुख्य वजह स्वकेंद्र प्रणाली का खत्म होना और केंद्रों पर कड़ाई मानी जा रही है।
दो पाली में हुई परीक्षा में सबसे अधिक 656 परीक्षार्थी पहली पाली में गैरहाजिर रहे।
मदरसा बोर्ड की ओर से आठ मई तक चलने वाली अरबी-फारसी परीक्षा (मुंशी, मौलवी, आलिम, कामिल, फाजिल) के लिए इस बार 5741 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं।
दो पाली (8 से 11 बजे सुबह और दोपहर 2 से 5 बजे तक) की परीक्षा में 2915 छात्र और 2826 छात्राएं शामिल हैं। पिछले दो साल से स्वकेंद्र प्रणाली खत्म होने से परीक्षा छोड़ने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है।
जिला अल्पसंख्ययक कल्याण अधिकारी विनोद कुमार जायसवाल ने बताया कि पहली पाली में मुंशी मौलवी (हाईस्कूल) में 2725 में से 2069 परीक्षार्थी शामिल हुए जबकि 656 अनुपस्थित रहे।
उधर दूसरी पाली में आलिम (इंटर) में 1035 में से 814 ने परीक्षा दी और 221 गैरहाजिर रहे। बताया कि नकल विहीन परीक्षा के लिए केंद्रों पर पर्यवेक्षकों की तैनाती के साथ ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।