फायर ब्रिगेड के जवानों ने घंटों की मशक्कत कर आग पर काबू पाया
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बलिया जिले के उत्तरी दियरांचल में थोड़ी सी लापरवाही तबाही का बड़ा सबब बन गई। मंगलवार दोपहर को अचानक लगी आग के कारण एक लाख से अधिक गेहूं के बोझ राख हो गए वहीं 70 झोपड़ियां भी राख हो गई। एक महिला की मौत भी हो गई।
गोपालनगर टाड़ी में मंगलवार को दोपहर में आग की कहर से एक महिला की मौत हो गई जबकि एक अन्य वृद्धा झुलस गईं। आग से जहां खलिहान में रखे एक लाख से अधिक गेहूं के बोझ राख हो गए वहीं 70 झोपड़ियां भी राख हो गई। आसपास के नलकूपों व एक घंटे बाद पहुंचे फायर ब्रिगेड के जवानों ने घंटों की मशक्कत कर आग पर काबू पाया।
गांव से सटे खलिहान में करीब 70 किसानों के गेहूं के बोझ रखे हुए थे। दोपहर में अचानक रामेश्वर यादव के बोझ में कहीं से आग लग गई। जब तक ग्रामीण कुछ करते पछुवा व तेज धूप के बीच आग ने तुरंत विकराल रूप ले लिया और पूरा खलिहान धधक उठा।
आलम यह रहा कि आग की तेज लपटों को देखकर कोई भी बुझाने के लिए उसके नजदीक जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। हालांकि ग्रामीणों ने आसपास स्थित नलकूपों को चलाकर आग को बुझाना शुरू कर दिया लेकिन कोई असर नहीं हुआ और इसी बीच खलिहान से चिंगारी उड़कर चंदेश्चर यादव की झोपड़ी पर जा गिरी।
जब तक इसे बुझाने का प्रयास ग्रामीण करते आग ने विकराल रूप ले लिया और 70 परिवारों की झोपड़ियां व उसमें रखे घर गृहस्थी के सामान जलकर राख हो गए। आग को बुझाने के प्रयास में संजू देवी (30) पत्नी अमरनाथ यादव की मौत हो गई। जबकि उनकी सास फुलेश्वरी देवी (55) पत्नी रामविचार यादव झुलस गईं।
करीब दो घंटे विलंब से पहुंची एम्बुलेंस से झुलसी महिला को उपचार के लिए सीएचसी सोनबरसा पहुंचाया गया। अगलगी के घंटों बाद पहुंचे अधिकारियों ने क्षति का जायजा लिया। मौके पर पहुंचे बैरिया विधायक के भाई परशुराम सिंह ने पीड़ितों की सुधि ली।