खजुराहो से मिलती हैं आकृतियां
क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ सुभाष चंद्र यादव का कहना है कि कर्दमेश्वर मंदिर के निर्माण के सही समय का निर्णय मुश्किल है। कर्दमेश्वर मंदिर की कुछ आकृतियां जैसे दक्षिणी भित्ति पर बनी उमा महेश्वर की मूर्ति खजुराहो के मंदिरों में बनी आकृतियों की तरह हैं। इसी प्रकार उत्तर की ओर निर्मित रेवती और ब्रह्म की मूर्ति की केश सज्जा गुप्त कालीन मूर्ति कला से प्रभावित है।
मंदिर पर बनी आकृतियां पुष्ट और मृदु के साथ ही चेहरे पर प्रभावकारी मुस्कान लिए हैं, जबकि नाग और शेर का चित्र अपरिपक्व व भावहीन है। इस प्रकार की आकृतियां दुलादेव मंदिर (1150 ईस्वी) के खजुराहो व उदेश्वर मंदिर उदयपुर में देखने को मिलती हैं।