सारी परंपरा मंदिर परिसर में ही निभाई जायेगी। मंदिर में होने वाले सभी आयोजनों में आम जनता का प्रवेश पूरी तरह से बंद है। तीन दिवसीय रथयात्रा मेला को स्थगित करने की घोषणा भी पहले ही हो चुकी है। बता दें कि पूरे भारत में सिर्फ वाराणसी में ही तीन दिन रथयात्रा महोत्सव मनाया जाता है। बीते साल वाराणसी में आयोजन नहीं होने से 218 साल पुरानी परंपरा टूट गई थी।