ताड़ीघाट-मऊ के इस रेल परियोजना को पीएम नरेंद्र मोदी ने 14 नवंबर 2016 को रिमोट के जरिये शिलान्यास किया था। इस परियोजना पर पीएमओ की नजर बनी रहती है। बीच-बीच में पीएमओ की ओर से परियोजना की प्रगति रिपोर्ट मांगी जाती है। पहले चरण की परियोजना को साल 2021 में पूरा किया जाना था। मगर, कोरोना संक्रमण और आर्बिटेशन के चलते यह परियोजना निर्धारित समय से पूरा नही हो सकी। इसके बाद इस परियोजना को साल 2023 तक निर्धारित कर दी गई है।
बता दें कि 51 किमी लंबी करीब 1766 करोड़ की इस परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाना है। पहले चरण में सोनवल, ताड़ीघाट, मेदिनीपुर से गंगा नदी होते हुए सिटी स्टेशन से गाजीपुर घाट तक जाना है। दूसरे चरण की परियोजना को घाट स्टेशन से मऊ तक पूरा किया जाना है। वहीं, अब परियोजना की लागत निर्धारित समय में पूरा न होने से इसकी लागत 80 करोड़ रुपये बढ़ चुकी है।
दो वर्षों से लंबित सभी आर्बिटेशन के मामले की सुनवाई जिलाधिकारी के न्यायालय में पूरी हो चुकी है जिसका आदेश बहुत जल्द आएगा। इसके बाद परियोजना के निर्माण में और तेजी आने की उम्मीद है। - सत्यम कुमार, प्रबंधक, आरवीएनएल परियोजना