माना जा रहा है कि चुनाव के पूर्व सपा बसपा गठबंधन और कांग्रेस का एक-दूसरे को गाली देना महज एक चुनावी रणनीति थी। इस बार के चुनाव में सपा बसपा गठबंधन ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी की रायबरेली और अमेठी सीटों पर अपना प्रत्याशी खड़ा नहीं किया।
वहीं, कांग्रेस ने भी सपा परिवार की पांच महत्वपूर्ण सीटें जिनमें कन्नौज समेत आजमगढ़ तक में कोई भी अपना उम्मीदवार खड़ा नहीं किया। अब सपा-बसपा गठबंधन को कांग्रेस की ओर से इस तरह का समर्थन दिया जाना यह प्रमाणित करता है कि चुनाव में यह आपसी गाली गलौज महज चुनावी रणनीति का हिस्सा थी।