रोड शो के दौरान उमड़ा जनसैलाब।
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प्रधानमंत्री के रोड शो में सिर्फ काशी नहीं, समूचा भारत दिखाई दे रहा था। जैन समाज ने णमोकार मंत्रों और पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। जगह-जगह व्यापारी, रैदास समाज के लोग और दंडी स्वामी, मठ, मंदिरों से जुड़े लोग और संन्यासी, बटुक ने स्वागत किया तो कबीरपंथ से जुड़े के लोगों ने भजन गाए। गुरुकुल की छात्राओं के अलावा वीर शैव संप्रदाय के लोग व दक्षिण भारत के लोगों ने वाद्य यंत्र बजाए तो नेपाली समुदाय ने भी पीएम का स्वागत किया।
तीन हजार से ज्यादा छोटे बड़े कटआउट, पौराणिक-ऐतिहासिक महत्व की दिखी छाया
पांच किलोमीटर लंबे रोड शो में तीन हजार से अधिक छोटे-बड़े कटआउट थे। ऐसा पहली बार था कि जब कटआउट में सिर्फ प्रधानमंत्री नहीं थे बल्कि संत, महापुरुषों को स्थान दिया गया। काशी का इतिहास और वर्तमान दिखा तो साथ ही पौराणिक महत्व ही झलक रहे थे।
करीब तीन हजार से अधिक छोटे-बड़े कटआउट में काशी नरेश, पंडित मदन मोहन मालवीय, बिस्मिल्लाह खां, पंडित किशन महाराज, तुलसीदास, कबीर दास, संत रैदास भी थे। इन्हीं सभी को काशी का आधार माना जाता है। इन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों के माध्यम से काशी का नाम पूरे देश में विख्यात किया।
विकास की झलक भी दिखी
काशी विश्वनाथ भी दिखाई दिए तो काशी की पुरानी तस्वीरें और नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद काशी में हुए विकास कार्य जैसे विश्वनाथ कॉरिडोर, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, टीएफसी, रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर, कैंसर अस्पताल, गंगा के घाट और अन्य तस्वीरें समाहित थी। वहीं भावुकता का टच भी ऐसी कई तस्वीरों में दिखा जिसमें प्रधानमंत्री को उनकी मां दुलार रही हैं, आशीर्वाद दे रही हैं।
आध्यात्मिक महत्व : पीएम मोदी ने हर बार की तरह काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन कर विशेष पूजा की। पार्वती पतये नम: हर हर महादेव का जयकारा लगाकर अध्यात्म का संदेश दिया। इसके अलावा नामांकन के दिन भी गंगा पूजन और बाबा कालभैरव के दर्शन भी करेंगे।