ढुढिराज गणेश की ओर से उनकी मौसी मां गंगा को आरपार की चुनरी चढ़ाई गई। ढूंढिराज गणेश की ओर से भक्तों ने चुनरी चढ़ाने की परंपरा का निर्वहन किया।
मां गंगा को चढ़ाई आरपार की चुनरी और माला
गंगा सप्तमी पर गंगोत्री सेवा समिति और शनिवार गोष्ठी की ओर से दशाश्वमेध घाट पर गंगा पूजन हुआ। इसके बाद मां गंगा को आरपार की चुनरी और माला चढ़ाकर परपंरा निभाई गई। इसके पूर्व चितरंजन पार्क से दशाश्वमेध घाट तक शोभायात्रा निकाली गई।
इस दौरान डॉ. विनोद राव पाठक, किशोरी रमण दुबे बब्बू महाराज, मनीष तुलस्यान, विजयलक्ष्मी शुक्ला और श्याम लाल यादव को गंगा सेवक सम्मान दिया गया। इस अवसर पर विवेक सिंह, दिलीप सिंह, मंजीत त्रिपाठी, कन्हैया त्रिपाठी, दिनेश दुबे, पवन शुक्ला मौजूद रहे। प्रतिमा यादव ने गंगा पर व्याख्यान दिया। संचालन दमदार बनारसी ने किया।
बाबा धाम में श्रीरामदरबार का किया महिमागान
गंगा सप्तमी श्री काशी महाराष्ट्र सेवा समिति के बैनर तले पुणे की संस्था आकार की ओर से काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के त्र्यंबकेश्वर हॉल में मंगलवार को गीत रामायण की सांगीतिक प्रस्तुति हुई। 50 कलाकारों ने बाबा धाम में श्रीराम दरबार की महिमा का गान किया। लव-कुश की भावपूर्ण प्रस्तुति देख सभी विभोर हुए। इसके पूर्व कलाकारों के दल ने सुबह गंगा स्नान, बाबा का अभिषेक और दर्शन-पूजन किया।
शुभारंभ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। स्वागत संस्था के अध्यक्ष अनंत रामबक्षी और संचालन षडानन पाठक ने किया। इस मौके पर जयश्री दीक्षित, दीप्ति तैलंग, विधि रोहे, अनीता भागवत, केतकी रामडोहकर, नूतन गोडसे आदि रहे।