वाराणसी में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने नदेसर स्थित एक होटल में युवा उद्यमियों से संवाद किया। इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों व सोच को सामने रखा। कहा कि वर्तमान परिवेश में प्रतिभावान युवाओं के पास अवसर बहुत हैं। वे लंबी छलांग लगाएं। यह भी सच है कि भारत में लाख समस्याएं भी होंगी लेकिन उसके समाधान के लिए हमारे पास करोड़ों दिमाग भी है।
कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संकल्प के साथ जो विकास कार्य किया है, उसकी कल्पना भी दूसरा कोई नेता नहीं कर सकता। पीयूष गोयल ने कहा कि वर्तमान में देश का कोई भी कोना हो। पूर्वोत्तर के राज्य हों या फिर उत्तर भारत का इलाका। हर ओर से नए आइडिया सामने आ रहे हैं। इससे स्पष्ट होता है कि देश का युवा बड़ी छलांग लगाने के लिए बेताब है। यह भी सच है कि सरकारी नौकरी में भी प्रतिभावान युवाओं की जरूरत है।
देश चलाने के लिए ईमानदार व कर्मठ युवा अफसरों का बहुत योगदान होता है। केंद्र व प्रदेश की ओर से ऐसे युवाओं को भी अवसर मिल रहे हैं। युवाओं पर देश को भरोसा है। वे अपनी प्रतिभा से भारत को विश्व की बड़ी शक्ति बनाएंगे।
बनारस के विकास की किसी अन्य दलों में नहीं थी हिम्मत
पीयूष गोयल ने कहा कि विकास के माडल के रूप में बनारस सबके समक्ष है। वर्ष 2013 में पहली बार बनारस आया था। वह पल भूलता नहीं है। चारों ओर गंदगी फैली थी। सफाई का कांसेप्ट नहीं था। सड़कें संकरी थीं। एयरपोर्ट से शहर आने में डेढ़ घंटे लग गए थे। कोई विकास नहीं दिखता था।
गलियों में अनियोजित विकास हुआ था। महादेव को भी जैसे झोपड़ी में कैद किया गया था। संकरी गलियों से होकर बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ दरबार में दर्शन के लिए पहुंचते थे। बिजली की समस्या थी। यातायात समस्या भयंकर रूप में थी। पीएम मोदी यहां के सांसद बने तो बनारस का कायाकल्प हुआ है।
यह परिवर्तन आपकी मेहनत व योगदान से हुआ क्यों कि पीएम मोदी को बनारस के लोगों ने सेवा का मौका दिया। उसी के चलते आज बनारस का बदला हुआ स्वरूप देखने को मिलता है। बनारस का स्वरूप बदलने के लिए हिम्मत की जरूरत थी जो 10 वर्ष पहले किसी अन्य नेता में नहीं थी।
मंच पर वैभव कपूर, राजकुमार शर्मा, डॉ. राजेश त्रिवेदी, संजीव सिंह 'बिल्लू' भी मौजूद थे। संचालन विशाल व धन्यवाद ज्ञापन सुयश अग्रवाल ने ज्ञापित किया। इस मौके पर विशाल त्रिवेदी, प्रतीक गुप्ता, अशोक अग्रहरि, राकेश मिश्रा, अभिनव पेशवानी, अनुपम रघुवंशी, रजत जयसवाल, सिद्धार्थ अरोड़ा, राघवेंद्र शारडा, हर्षित सिंह, सुधीर बाघवानी, शिखा शाह आदि मौजूद रहे।