इसके संबंध में राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी ने विधानसभा में प्रश्न उठाने पर जांच की कार्रवाई के बाद उपरोक्त जमीन पुनः शासन को हस्तानांतरित कर दी गई। तहरीर में आरोप लगाया कि अंबिका चौधरी के भाई सतीश कुमार उर्फ नागा चौधरी अपराधियों का गिरोह चलाता है।
विभिन्न खाद्य और खनिज विभाग में ठेकेदारी करता और करवाता है। अन्य आरोप भी लगाए। कहा कि विगत छह मई को लोकसभा बलिया के लिए चुनाव लड़ रहे मस्त के समर्थन में चुनाव प्रचार में था। इसी दौरान उनके मोबाइल पर फोन आया। काल रिसीव होने के बाद लोकेशन पूछा और अपशब्दों के साथ ही जान से मारने की धमकी दी गई।
उन्होंने कहा कि उस दौरान वे चुनाव प्रचार में व्यस्त थे। यह भी पूछा कि लोकेशन बताओ कहां हो अभी आ रहा हूं। पूछने पर नागा चौधरी ने कहा कि मेरे धंधे और काम की जांच तुम्हारे इशारे पर हो रही है। मैं तुम्हें नहीं छोड़ूंगा, तुमने बर्बाद कर दिया है। उक्त काल की डिटेल निकालकर अवलोकन करने से मामला स्पष्ट हो जाएगा। उनकी इस तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
अंबिका चौधरी ने इस मामले का खंडन करते हुए कहा कि यह पूरा मामला राजनीतिक द्वेष का है। इस लोकसभा चुनाव में उपेंद्र तिवारी सत्ता का दुरुपयोग कर मेरे ऊपर यह दबाव बनाना चाहते हैं कि मैं सपा प्रत्याशी सनातन पांडे को सहयोग ना दूं। जहां तक लखनऊ की जमीन का मामला है तो इस संदर्भ में न्यायालय का स्पष्ट निर्देश है। यदि उपेंद्र तिवारी इस पर टिप्पणी करते हैं तो यह न्यायालय के आदेश की अवमानना है। जिस पर मैं जल्द ही उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराऊंगा।