वाराणसी। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद नगर निगम सीमा में
लोहता नगर पंचायत शामिल हो गया है। अब तक 79 राजस्व गांवों को नगर निगम सीमा में शामिल किया गया था। अब लोहता सहित नौ राजस्व गांव (तीन आंशिक) के शामिल होने से इनकी संख्या 88 हो गई है। इसके अलावा सूजाबाद को नगर पंचायत बनाया गया है। गांवों में अब नगरीय सुविधाएं मिलेंगी। सीवर, पेयजल, ड्रेन, सड़क का जाल बिछाया जाएगा।
लोहता के नगर निगम सीमा में शामिल होने से यहां के लोगों को अब ब्लॉकों पर दौड़भाग नहीं करनी पड़ेगी। सभी कार्य नगर निगम में ही होंगे। नगर निगम से की दूरी तकरीबन 15 किलोमीटर है। यहां के लोगों को हर काम के लिए ब्लॉक मुख्यालय आना पड़ता था। अब नगर निगम बनने से यहां के लोगों को राहत होगी। निगम में ही उनके सभी कार्य हो जाएंगे। पंचायत के सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी राजाराम वर्मा ने बताया कि पिछले साल लोहता को नगर पंचायत घोषित किया गया था। अब इसे नगर निगम सीमा में शामिल कर लिया गया है। अपर नगर आयुक्त देवीदयाल ने बताया कि पिछले दिनों नगर विकास विभाग ने सूची मांगी थी। जिसे भेजी गई थी। इनमें नौ राजस्व गांव थे। इन नौ में से तीन आंशिक रूप से नगर निगम सीमा में शामिल हुए हैं। डीपीआरओ शास्वत आनंद सिंह ने बताया कि आंशिक रूप से जो गांव नगर निगम सीमा में शामिल हुए हैं। इनका ग्राम पंचायत का अस्तित्व भी बरकरार रहेगा।
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ये बढ़ेंगी सुविधाएं
शहरी सीमा में शामिल इन गांवों में मूलभूत सुविधाओं का विकास होगा। गलियां व सड़कें पक्की हो जाएंगी, तो सीवर, पेयजल, बिजली, नाली, नाला, स्टार्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम, स्ट्रीट लाइटें आदि के कार्य होंगे। बाजार-हाट से लेकर हाईटेक ट्रैफिक सुविधाओं का विस्तार होगा। सफाई कर्मी से लेकर अभियंता तक में बढ़ोतरी होगी। संसाधन भी बढ़ाए जाएंगे। वर्तमान में 90 वार्ड व पांच जोन वजूद में हैं। करीब 60 हजार घर नगर निगम, जलकल समेत अन्य विभागों के राजस्व दायरे में आ जाएंगे। इसमें गृहकर, जलकल व जल मूल्य, शहरी बिजली अधिभार आदि प्रमुख होंगे।
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नगर निगम सीमा में शामिल और नौ राजस्व गांव
लोहता, बनियापुर, भवानीपुर, पिसौर, दनियालपुर, भिटारी, बेदौली के अलावा तीन राजस्व गांव आंशिक रूप से गए हैं। इनमें लालपुर मीरापुर बसहीं, लालपुर अनौला, नगवां