इस दौरान स्टेशन परिसर को पूरी तरह से छावनी में बदल दिया गया था। स्टेशन में न तो किसी को प्रवेश दिया जा रहा था और न ही किसी को बाहर निकलने दिया जा रहा था। मजदूरों ने बताया कि उनसे टिकट का पैसा नहीं लिया गया। यात्रा के दौरान उन्हें जयपुर में भोजन का पैकेट उपलब्ध कराया गया। यहां उनकी जांच के बाद भोजन का पैकेट उपलब्ध कराया गया।