प्रतिबंध के कारण 200 टन आम का उठान नहीं हुआ। किसान चिंतित हैं। पेड़ों पर आम पककर टूट रहे। खराब हो रहे। यह प्रतिबंध बढ़ा तो आढ़तियों और किसानों दोनों को बहुत नुकसान होगा। -किशन सोनकर, अध्यक्ष, वाराणसी प्रगतिशील सब्जी-फल व्यवसायी संघ
दाएं-बाएं नियम के तहत दुकानें खुल रही थीं। वह भी बंद हो गई। आढ़ती माल मंगाकर फंस गए। बारिश में अब माल खराब होने की चिंता सता रही है। लाखों रुपये का नुकसान होना तय है। -नारायण सोनकर, संगठन मंत्री, वाराणसी प्रगतिशील सब्जी-फल व्यवसायी समिति