उसी की शह पर उसने धंधे का न कोई लाइसेंस लिया था और न ही कहीं पंजीकरण कराया था। कुछ वर्षों में ही उसने करोड़ों की चल-अचल संपत्ति अपने और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम अर्जित कर ली थी। नगर पालिका, बैंक और तहसील से संपति का ब्योरा मंगाने के बाद पुलिस ने उसे जब्त करते हुए डीएम को रिपोर्ट भेजी थी।
रिपोर्ट के आधार पर शनिवार को डीएम ने 3.71 करोड़ की संपति कुर्क करने का आदेश जारी किया था। डीएम ने तहसीलदार सदर को अग्रिम आदेश तक उसका प्रबंधन के लिए प्रशासक नियुक्त करते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए थे। आरोपी को इस आदेश के खिलाफ अपील के लिए तीन माह की मोहलत दी है।
यह संपत्ति हुई कुर्क
संपत्तियों में एक बुलेट बाइक (कीमत एक लाख), पांच-पांच लाख कीमत की दो पिकअप, जोगियापुर मोहल्ले में स्थित 55 लाख कीमत का एक मकान, इसी मोहल्ले में रत्ति द फिशर के नाम से निर्माणाधीन शॉपिंग मॉल (अनुमानित कीमत 2.90 करोड़) शामिल है। इसके अलावा आईसीआईसीआई बैंक के बचत खाते में मौजूद 5,82,082 रुपया, इसी बैंक के चालू खाते में मौजूद 9,62,886 रुपया नकद भी जब्त किया गया है।