24 बोगी वाली ट्रेन के 22 बोगियों में यात्री सवार थे, शेष दो डिब्बो में सामान आदि रखा गया था। यात्रियों ने बताया कि आने का उन्हें कोई किराया नहीं देना पड़ा, रास्ते मे उन्हें मुफ्त में भोजन भी मिला था। लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण के चलते हुए लॉकडाउन में रोजगार नहीं मिला, रोटी के लाले पड़ गए तो उन्हें घर की याद आई।
इस दौरान यात्रियों ने अपनी मातृ भूमि को नमन किया। आजमगढ़ जिले के यात्रियों की संख्या ज्यादा होने पर जिलाधिकारी आजमगढ़ ने एसडीएम लालगंज पंकज श्रीवास्तव को भेजा था। एसडीएम लालगंज अपने साथ 9 लेखपाल लाए थे, जिनकी सहायता से यात्रियों को तहसीलवार अलग-अलग कर उन्हें उनके घरों को रोडवेज बस से रवाना किया।