आए दिन लोकल फाल्ट की वजह से परेशान लोगों को अब राहत मिलेगी। शहर को तारों के जंजाल से मुक्ति दिलाने के लिए आईपीडीएस फेज-3 योजना का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से 4827 करोड़ रुपये का प्रस्ताव ऊर्जा मंत्रालय को भेजा गया है।
शहर में कई ऐसे इलाके हैं, जहां अभी भी आपको पोल पर जर्जर तार लटकते नजर आएंगे। संकरी गलियों के अलावा शहर के प्रमुख चौराहों आदि जगहों पर भी तार जिस तरह लटकते रहते हैं, यह दुर्घटनाओं को दावत देते हैं। समस्याओं से लोगों को निजात दिलाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल आईपीडीएस योजना की शुरुआत काशी से हुई। रविंद्र्रपुरी इलाके से आईपीडीएस की शुरुआत हुई। अब दूसरे फेज के तहत इस समय कमच्छा, पक्का महाल, गोदौलिया, भेलूपुर, मच्छोदरी आदि जगहों पर काम अंतिम चरण में हैं। अब प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए ही तीसरे फेज की शुरुआत भी जल्द ही होगी।
2015 में हुआ था उद्घाटन
काशी में आईपीडीएस के काम का उद्घाटन 2015 में हुआ था। तत्कालीन बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने जून 2015 में ही यहां अंडरग्राउंड बिजली का केबल बिछाए जाने की घोषणा की थी। सितंबर 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया था।