ज्ञानपुर (भदोही)। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आनंद मिश्रा की अदालत ने दो बैंकों के शाखा प्रबंधकों समेत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है। जमीन बैनामा कराने के बाद भी उस पर लोन लेने और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत को लेकर कोर्ट ने सीओ को जांच सौंपी थी। जांच के बाद कोर्ट ने चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है।
गोपीगंज कोतवाली क्षेत्र के धीरपुर बैदा गांव निवासी शुभलक्ष्मी ने बैदाखास गांव निवासी नीरज मिश्रा से गांव में ही 22 दिसंबर 2022 को 0.027 हेक्टेयर जमीन बैनामा कराया था। इसका पूरा पैसा उन्होंने नीरज को दे दिया। जमीन के बैनामे के बाद नामांतरण के लिए उन्होंने तहसील में आवेदन किया। इस बीच नीरज ने अपने भाई अरविंद से इस पर आपत्ति दाखिल करवा दी। इसके बाद अरविंद ने फर्जी कागजात तैयार कर संस्कृत महाविद्यालय, तिलेश्वरनाथ बैदा खास के साथ साजिश कर आपत्ति लगा दी। आरोप है कि बैनामा की पूरी जानकारी होने के बाद भी को-ऑपरेटिव बैंक ज्ञानपुर के निवर्तमान शाखा प्रबंधक ने उस जमीन पर तीन मई 2024 को लोन पास कर दिया। इसके बाद दोबारा यूबीआई के शाखा प्रबंधक भिदिउरा से भी उस पर लोन पास करा लिया गया। इस मामले में पीड़िता ने सीएम, राज्यपाल समेत कई जगहों पर शिकायत की। आरोप लगाया कि मामले में पुलिस से कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़िता ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दाखिल की। कोर्ट से सीओ को मामले की जांच सौंपी। सीओ की रिपोर्ट आने के बाद कोर्ट ने नीरज मिश्रा, उसके भाई अरविंद निवासी बैदाखास के साथ को-ऑपरेटिव बैंक के निवर्तमान ज्ञानपुर शाखा प्रबंधक और यूबीआई के भिदिउरा शाखा प्रबंधक के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है।