पूर्व हॉकी ओलंपियन पद्मश्री मोहम्मद शाहिद का लिवर पूरी तरह से खराब हो गया है। मंगलवार को इन्हें बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शाहिद की हालत देखते हुए बुधवार को मेदांता रेफर कर दिया गया। पूर्व भारतीय कप्तान एयर इंडिया के विमान से अपराह्न दिल्ली परिवार के साथ रवाना हुए।
बीएचयू के गैस्ट्रो इंट्राइटिस विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. वीके दीक्षित ने बताया कि मोहम्मद शाहिद का लिवर पूरी तरह से खराब हो गया है। किडनी में भी संक्रमण फैल गया है। इसलिए उन्हें गुड़गांव के मेदांता हास्पिटल रेफर किया गया है। यदि लिवर ट्रांसप्लांट हो जाता है तो वे जल्द स्वस्थ हो जाएंगे। मालूम हो कि पेट में पानी भरने और हाथ-पैर में सूजन के बाद उन्हें मंगलवार को बीएचयू में भर्ती कराया था।
सोशल मीडिया पर दुआ करने वालों का तांता
शाहिद के बीमार होने की खबर फैलते ही उनके दोस्तों, सहकर्मियों और चाहने वाले उदास हो गए हैं। सोशल मीडिया (फेसबुक और वाट्सएप) पर उनकी लंबी उम्र और अच्छी सेेहत की कामना करने वालों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। उन्हें चाहने वाले तमाम लोग बीएचयू हास्पिटल भी पहुंचे थे। 1980 के मास्को ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा रहे शाहिद डीरेका में क्रीड़ा अधिकारी पद पर सेवारत हैं।
‘दद्दा’ के बाद शाहिद ने बटोरी सुर्खियां
हॉकी की दुनिया में मेजर ध्यानचंद द्ददा के बाद कोई भारतीय बुलंदियों पर पहुंचा तो वे ड्रिबलिंग के उस्ताद मोहम्मद शाहिद ही हैं। 80-90 के दशक में पूरी दुनिया शाहिद के खेल की मुरीद रही। 1982 के दिल्ली एशियाड में रजत पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के वे अहम सदस्य रहे। 1986 के सियोल एशियाई खेलों में शाहिद की बदौलत ही भारतीय टीम को कांस्य पदक मिला था। भारत सरकार ने उन्हें 1980 में अर्जुन अवार्ड और 1986 में पद्मश्री सम्मान से नवाजा।