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बनारस में अब मेट्रो की जगह चलाई जाएगी लाइट मेट्रो, जानिए इसके बारे में

Wed, 20 Jun 2018 02:47 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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राइट्स की टीम ने दिया प्रजेंटेशन - फोटो : अमर उजाला
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काशी में मेट्रो रेल की जगह लाइट मेट्रो चलाने की योजना बनाई जा रही है। मेट्रो की तुलना में शहर की भौतिक स्थिति लाइट मेट्रो के लिए अधिक उपयुक्त है। इस कारण ऐसा किया जा रहा है।
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इसके लिए रेलवे मंत्रालय की तकनीकी संस्था राइट्स की टीम ने मंगलवार को यहां वीडीए सभागार में अपना प्रजेंटेशन दिया। कमिश्नर ने प्रजेंटेशन देखने के बाद लाइट मेट्रो के साथ ही शहर में वाटर बेस्ड प्लान तैयार करने का सुझाव दिया। अब जल्द ही राइट्स वाटर बेस्ड प्लान भी तैयार करेगी।

शहर में राइट्स की तीन सदस्यीय टीम ने पहली बार मेट्रो रेल परियोजना के लिए जो फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की थी, उसमें बीएचयू से भेल तक और बेनियाबाग से सारनाथ तक दो रूट निर्धारित किए थे।
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28 किमी लंबे इन रूटों पर करीब 20 हजार करोड़ रुपये खर्च होने थे, लेकिन बाद में विशेषज्ञों की सलाह पर इसे खारिज करते हुए वीडीए ने राइट्स को दोबारा प्लान बनाने की जिम्मेदारी सौंपी।

इसके लिए वीडीए ने करीब 81 लाख रुपये भी राइट्स को दिए। इसके बाद राइटस ने दोबारा सर्वे किया और यहां की फिजिबिलिटी रिपोर्ट के आधार पर मेट्रो की जगह लाइट मेट्रो का प्लान तैयार कर उसका प्रजेंटेशन किया। 
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क्या है लाइट मेट्रो

इसके बाद टीम कमिश्नर दीपक अग्रवाल के पास पहुंची। उन्होंने राइट्स की टीम को सुझाव दिए कि यहां की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए परिवहन के वाटर बेस्ड प्लान भी तैयार किए जाएं। काशी आने वाला हर पर्यटक गंगा और घाट की सुंदरता देखना चाहता है।

काशी स्टेशन के पास बन रहे इंटर मॉडल स्टेशन को भी इस परियोजना से जोड़ने का सुझाव दिया। इस दौरान वीडीए वीसी राजेश कुमार, नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल, लखनऊ मेट्रो कॉरपोरेशन के अधिकारी मौजूद थे।

जहां तक लाइट मेट्रो की बात की जाए तो यह मेट्रो रेल का ही छोटा रूप है। मेट्रो में छह से आठ बोगियां होती हैं, वहीं लाइट मेट्रो में मात्र तीन बोगियां होती हैं। एक बार में यह ट्रेन करीब डेढ़ सौ यात्रियों को लाने ले जाने में सक्षम होगी।

इसके संचालन के लिए शहर में पिलर बनाकर उस पर ट्रैक बिछाया जा सकता है। इसके संचालन के लिए मेट्रो से कम जगह की आवश्यकता पड़ती है। इतना ही नही, मेट्रो की तुलना में इस पर खर्च भी लगभग आधा आएगा।
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