इस प्रोजेक्ट के पीछे प्रशासन की मंशा थी कि गंगापार से आने वाले लोगों को मंदिर तक पहुंचने के लिए शहर के अंदर से बहुत घूमना नहीं होगा। साथ ही, झूला बनने से शहर में जाम का दबाव होगा। इसलिए गंगापार पड़ाव में अवधूत भगवान राम घाट के पास से कॉरिडोर के बीच लक्ष्मण झूला की तरह पाथ-वे बनाने का विचार आया। अवधूत घाट के पास एक बड़ा पार्किंग स्थल भी प्रस्तावित किया गया था। पार्किंग में वाहन खड़ा करने के बाद श्रद्धालु पैदल ही कॉरिडोर में पहुंचते।
पड़ाव से कॉरिडोर के बीच में लक्ष्मण झूला के प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया है। शासन ने इसको अनुमति नहीं दी है। इससे काशी के घाटों की सुंदरता प्रभावित हो रही थी। - डॉ. सुनील कुमार वर्मा, सीईओ विश्वनाथ मंदिर न्यास