इस पर बहन ने तत्काल अपने भाई मनीष को बुला लिया। वहीं हुई हाथापाई में मनीष ने रॉड से मारकर बृजेश की हत्या कर दी और गाड़ी में शव लेकर थानागद्दी स्थित सोहनी गांव स्थित खेत में फेंक दिया। मनीष का गुस्सा इस कदर था कि खेत में भी शव को ईंटों से कूंचा और बृजेश के कपड़ों में आग लगा दी।
शव फेंकने के बाद बृजेश की कार लेकर मनीष चौबेपुर स्थित संदहा पहुंचा और गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। इस घटना में मनीष का जीजा खुटहना निवासी नितिन पाल उर्फ संतोष और मनीष का दोस्त रमरेपुर पहड़िया निवासी दीपक चौहान उर्फ दीपू और बहन शामिल थी। सभी को गिरफ्तार कर जौनपुर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
सोमवार की सुबह थानागद्दी के सोहनी गांव में अधजला शव मिलने के बाद तफ्तीश में सामने आया कि पहड़िया निवासी बृजेश पटेल का शव है। परिजनों ने मंगलवार सुबह केराकत थाने पहुंचकर शव की शिनाख्त के साथ ही अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया।
क्षेत्राधिकारी केराकत शुभम तोदी, केराकत कोतवाल लक्ष्मण पर्वत व क्राइम ब्रांच की टीम ने बृजेश पटेल के मोबाइल सीडीआर और परिजनों से पूछताछ के दौरान 14 घंटे के अंदर में ही घटना का पर्दाफाश कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बृजेश के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया और सीडीआर की जांच की तो पता चला कि बृजेश फोन पर आखिरी कॉल सोनू की थी। सोनू ने पुलिस को बताया कि घटना के ठीक पहले वह शौच के लिए गया था, बृजेश का मोबाइल उसकी कार में ही गिरा था। उसने मुझ से मदद मांगी और मेरा फोन लेकर अपने नंबर पर काल किया था। जांच के दौरान ही उसने नितिन के बारे में बताया। पुलिस ने उसे पकड़ा तो पूरी कहानी सामने आ गई।
एएसपी सिटी डा. संजय कुमार के मुताबिक मनीष और दीपू शव लेकर कार से जौनपुर के लिए निकले थे, जबकि मनीष का जीजा नितिन रुक गया और उसने चौबेपुर थाना क्षेत्र में हाइवे के किनारे खुटहना में ऊपलों का ढेर रखकर कार को जलाने का इंतजाम किया था।