सूचना पाकर सिगरा थाने की पुलिस व फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच में जुटी। मजदूर का शव काफी फूल गया था और गले पर गहरे निशान भी उभरे हुए थे। सामुदायिक भवन के प्रबंधक रतन प्रजापति ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि चार दिन पहले ठेकेदार ने चेतगंज स्थित मंडी से चार मजदूरों को बुलाया था। इनके नाम और पता के बारे में ठेकेदार को ही जानकारी है।
घटनास्थल पर पहुंचे डीसीपी वरुणा जोन विक्रांत वीर ने सीसीटीवी फुटेज चेक किया तो उसमें दो अगस्त की शाम कमरे से बाहर निकलते हुए मजदूर की तस्वीर दिखी थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि उस दिन के बाद से ठेकेदार और अन्य मजदूर भी गायब हैं।
डीसीपी विक्रांत वीर ने बताया कि दो दिन पहले मौत हुई होगी। गला घोंटकर हत्या की आशंका है। ठेकेदार और अन्य साथ के मजदूरों पर शक है। इनके पकड़े जाने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। मजदूर बिहार के वेस्ट चंपारण के निवासी सभी बताए गए हैं। मजदूरों में एक महिला भी शामिल थी। प्रबंधक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया।