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कुशीनगरः नदी की धारा में फंसी नाव, 100 से अधिक लोगों को एनडीआरएफ ने निकाला, ऐसे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

Fri, 18 Jun 2021 03:43 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में बीती रात एक बड़ा नाव हादसा  होने से बच गया। एनडीआरएफ टीम ने अपनी जान की परवाह किए बिना 112 लोगों को तेज़ धारा में बहने से बचा लिया। रात भर चले चुनौतीपूर्ण व दुरूह बचाव अभियान को सुबह आठ बजे तक पूरा कर लिया गया। 
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कुशीनगरः एनडीआरएफ ने गंडक नदी में फंसे सौ से अधिक लोगों को बचाया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में गंडक नदी में बृहस्पतिवार की देर शाम मोटर चालित एक नाव में सवार डेढ़ सौ लोग फंस गए।  ग्राम पंचायत अमवाखास के बरवापट्टी घाट के सामने फंसे लोगों को 11 एनडीआरएफ टीम ने निकाला। शुक्रवार सुबह आठ बजे जान व माल की हानि के बिना नाव सवार लोगों समेत पशुओं को सुरक्षित निकाला।

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एनडीआरएफ टीम ने अपनी जान की परवाह किए बिना 112 लोगों को तेज़ धारा में बहने से बचा लिया। जिसमें 62 पुरुष, 31 महिलाएं, 19 बच्चे शामिल थे। मौके पर मौजूद एसडीआरएफ टीम और स्थानीय लोगों ने भी बचाव अभियान में अपना योगदान दिया। 

अमवा खास व आसपास के गांवों के लोगों की खेती गंडक नदी के उत्तर की ओर भी है। जहां खेतों में गए बीते दिन की देर शाम लोग नाव से वापस बरवापट्टी की तरफ लौट रहे थे। इसी बीच नाव का इंजन खराब हो गया और नाव धारा के साथ बहने लगी। नाव ऐसी जगह जाकर फंसी जहां से लोगों का निकलना बहुत मुश्किल था।
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प्रशासन के द्वारा स्थानीय संसाधनों द्वारा रेस्क्यू करने का भरसक प्रयास किया गया लेकिन सफलता नहीं मिली। जिसके चलते बिना समय गंवाए जिलाधिकारी कुशीनगर के द्वारा घटना की सूचना 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ वाराणसी, कंट्रोल रूम को देर रात  दी गई।

जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 11 एनडीआरएफ कमांडेंट मनोज कुमार शर्मा के दिशा निर्देश पर गोरखपुर स्थित क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्र से एनडीआरएफ टीम उप सेनानायक पीएल शर्मा के नेतृत्व में घटना स्थल के लिए रवाना हुई।

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जांबाज जवानों ने सभी चुनौतियों को किया पार

कुशीनगरः एनडीआरएफ ने गंडक नदी में फंसे सौ से अधिक लोगों को बचाया - फोटो : अमर उजाला
आधी रात  में 110 किलोमीटर का सफर तय कर टीम रात ढाई बजे बरवापट्टी घाट पहुंची। लेकिन आधी रात में घनघोर अंधेरे व नदी तट तक रास्ता ना होने के कारण टीम के लिए वहां तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो गया। लेकिन एनडीआरएफ के जांबाज जवानों ने सभी चुनौतियों का सामना करते हुए भारी भरकम मोटर बोटों को अपने कंधों पर उठाया और अंधेरे में कंटीली झाड़ियों के बीच से एक किलोमीटर का रास्ता बनाते हुए घटना स्थल के नजदीक पहुंचे। रात भर चले चुनौतीपूर्ण व दुरूह बचाव अभियान को सुबह आठ बजे तक पूरा कर लिया गया। 
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