अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के संयोजन में किसान मुक्ति यात्रा के तीसरे चरण के तहत किसानों का दल गुरुवार को वाराणसी पहुंचा। वरुणा किनारे शास्त्री घाट पर विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों की भागीदारी हुई।
वक्ताओं ने किसानों के हक के लिए हुंकार भरी और 20 नवंबर दिल्ली चलो का नारा भी दिया। यहां हुई सभा में ऑल इंडिया किसान महासभा के राजाराम ने कहा कि आज समय आ गया है कि अन्नदाता को अपनी उपस्थिति का अहसास कराना होगा।
सभा को मुख्य रूप से अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति के समन्वयक वीएम सिंह, स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव, अखिल भारतीय किसान महासभा के धर्म पाल, किसान संघर्ष मोर्चा के महेंद्र यादव आदि ने संबोधित किया।
स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश इस वक्त भयंकर सूखे का सामना कर रहा है लेकिन कहीं कोई चर्चा नहीं हो रही है। इस बार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 प्रतिशत तक तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 30 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।
उन्होंने प्रदेश के 32 जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की। कहा कि किसानों की कर्ज मुक्ति और फसल के उचित दाम जैसे मुद्दों को लेकर हम लगातार यात्रा कर रहे हैं। यह हमारी तीसरी किसान मुक्ति यात्रा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भूमि अधिग्रहण बिल 2013 की उपेक्षा करते हुए किसानों की जमीन हड़पी जा रही है।