सूर्य नवग्रहों में प्रमुख ग्रह हैं। उनकी चाल आज बदल जाएगी। सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही 14 मार्च से लगा खरमास समाप्त हो जाएगा और मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। हालांकि, शादी के लिए शुद्ध लग्न केवल 18 अप्रैल को ही है। वहीं, सूर्य के राशि परिवर्तन से मिथुन, कर्क, वृश्चिक और कुंभ राशि वालों के लिए फलदायी होगा।
ज्योतिषविद विमल जैन ने बताया कि सूर्यग्रह मीन से अपनी उच्च राशि मेष में 13 अप्रैल को रात 9:04 बजे पर प्रवेश करेंगे और 14 मई को शाम 5:53 बजे तक रहेंगे। इस बार सूर्य-बुध राहु की युति भी बन रही है। जो विषमता का सूचक है। हालांकि मिथुन, कर्क, वृश्चिक और कुंभ राशि के लिए ये फलदायी होगा। ऐसे में बाकी राशि वालों को देव अर्चना और दान-पुण्य के साथ अपने कार्य सूझबूझ के साथ करने चाहिए।
ये होंगे मांगलिक कार्य
खरमास समाप्त होने के बाद मांगलिक कार्य शुरू होंगे। विवाह, गृह प्रवेश, नए प्रतिष्ठान का शुभारंभ, मुंडन, उपनयन, विद्यारंभ, नामांकरण, अन्नप्राशन संस्कार, देव प्रतिष्ठा, गृह निर्माण का शुभारंभ, वधु प्रवेश आदि मांगलिक कार्य शुरू शुरू हो जाएंगे।
सतुआ संक्रांति आज
सतुआ संक्रांति का पर्व शनिवार को मनाया जाएगा। लोग स्नान और ध्यान के साथ दान-पुण्य करेंगे। खासकर सत्तू का दान करेंगे और इसका सेवन भी करेंगे। विमल जैन ने बताया कि शनिवार को सामान्य पुण्यकाल दिन में 2:40 बजे से सूर्यास्त तक रहेगा। इस समय तक स्नान-दान करना विशेष पुण्य फलदायी होगा। हालांकि, सूर्य का राशि परिवर्तन रात में होगा। मगर पुण्यकाल से ही यह पर्व मान्य होगा।
गुरु-शुक्र के अस्त होने से मई-जून में लग्न नहीं
इस बार गुरु-शुक्र ग्रह के अस्त होने से मई और जून में कोई लग्न नहीं है। विमल जैन ने बताया कि 29 अप्रैल से 28 जून तक गुरु और शुक्र अस्त रहेंगे। ऐसे में कोई वैवाहिक अनुष्ठान नहीं होंगे। हालांकि, अन्य मांगलिक कार्य कराए जा सकते हैं। अप्रैल में एक ही शुद्ध लग्न है। इसके बाद जुलाई में लग्न पड़ेगा।