समारोह में केरल के राज्यपाल ने कहा कि यह बड़े गर्व की बात है कि इस गुरुकुल में छात्राओं को शस्त्र के साथ शास्त्र में भी पारंगत किया जा रहा है। अब समय आ गया है जब हम नारी के विकास की बात करना बंद करें। नारी अबला नहीं सबला है। हमें नारी नेतृत्व को स्वीकार्य करना ही होगा।
जिस प्रकार किसी समान पर धूल जम जाती है तो उसे साफ करने की जरूरत होती है। उसी प्रकार हमें अपने आचार और विचारों में शुद्धता लानी होगी। ऐसा व्यक्ति जो अपने आचार और विचार से दोनों से शुद्ध है तो उनका नेतृत्व स्वीकार्य करने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।