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Varanasi :ज्ञानवापी जाने से रोकने पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने त्यागा अन्न-जल, बोले- क्या भगवान भूखे-प्यासे रहेंगे

Sat, 04 Jun 2022 06:25 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने में मिले शिवलिंग की पूजा के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पुलिस से इजाजत मांगी थी जिसको खारिज कर दिया गया था। आज सुबह अविमुक्तेश्वरानंद को पुलिस ने उनके मठ से बाहर निकलने से रोक दिया। मामले को लेकर काफी गहमागहमी है। 
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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पुलिस ने मठ से बाहर निकलने से रोका - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने में मिले शिवलिंग की पूजा के लिए आज ज्ञानवापी जाने वाले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पुलिस ने केदार घाट स्थित श्री विद्यामठ  से बाहर निकलने से रोक दिया। इससे नाराज  स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मठ के दरवाजे पर ही अनशन पर बैठ गए। कहा कि जबतक हम दर्शन-पूजन नहीं कर लेते तब तक हम अन्न-जल ग्रहण नहीं करेंगे। वो अपने शिष्यों संग ज्ञानवापी रवाना होने की जिद पर अड़े हैं। उन्होंने अदालत में आज विश्वेश्वर शिवलिंग की पूजा की याचिका दाखिल करने की भी बात कही है। इधर, एसीपी भेलूपुर, एसीपी सुरक्षा, एसीपी दशाश्वमेध सहित 10 थाने की फोर्स के साथ एलआईयू और पीएसी के जवान तैनात हैं। 

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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि एक बार कोई पूजा के लिए निकल जाता है तो बिना पूजा किए भोजन नहीं करता है। हम भी पूजा के लिए निकल चुके थे। अब जबतक पूजा नहीं कर लेते भोजन नहीं कर सकते हैं। अब मठ में वापस भी नहीं जा सकते हैं। इसलिए पूजा की इजाजत मिलने तक गेट पर ही बैठेंगे।

मीडिया से बात करते हुए कहा कि या तो ज्ञानवापी के शिवलिंग की उन्हें पूजा करने दी जाए, या फिर प्रशासन पूजा-पाठ कर उन्हें अवगत कराए। अगर मामला कोर्ट में लंबित है तो क्या हमारे भगवान तबतक भूखे रहेंगे। कहा कि मुझे पूजा से मतलब है। पूजा के अधिकार मिलने से मतलब नहीं है। जो न्यायालय में दूसरे पक्षकार जा रहे हैं, वो पूजा का अधिकार मांग रहे हैं। न्यायालय में दो महीने बाद उनको अधिकार मिलेगा। हम कोई अधिकार नहीं मांग रहे हैं। हम भगवान की पूजा की मांग कर रहे हैं। हमारी इस भावना को क्यों नहीं सुना और समझा जा रहा है। 

विद्यामठ के आसपास तगड़ी घेराबंदी, जगह-जगह फोर्स तैनात

श्री विद्यामठ क्षेत्र छावनी में तब्दील है। भारी संख्या में फोर्स तैनात है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पूजा के लिए पुलिस कमिश्नरेट से इजाजत मांगी थी जिसको खारिज कर दिया गया था। शुक्रवार शाम से कई थानों की पुलिस ने उनके श्री विद्यामठ के आसपास तगड़ी घेराबंदी कर रखी है।

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अनशन पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद - फोटो : अमर उजाला
मठ की ओर आने-जाने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग की गई है। शिवलिंग की पूजा के लिए इजाजत मांगने पर पुलिस उपायुक्त काशी जोन आरएस गौतम ने एक प्रेस नोट जारी किया। इसमें पुलिस ने साफ तौर पर कहा है कि जिस जगह की इजाजत मांगी जा रही है, वह परिसर कोर्ट में वाद विचाराधीन है।

उक्त जगह कोर्ट के आदेश पर सील की गई है और सीआरपीएफ के सुरक्षा घेरे में है। इन परिस्थितियों के मद्देनजर शांति और कानून व्यवस्था के दृष्टिकोण से प्रार्थना पत्र को निरस्त किया जाता है। इसके बावजूद यदि कोई कानून का उल्लंघन और शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। 

पुलिस ऑफिस में रक्ताभिषेक की चेतावनी
विवादित बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले विश्व हिंदू सेना के अध्यक्ष अरूण पाठक ने शुक्रवार सुबह ट्वीट कर पुलिस ऑफिस में रक्ताभिषेक करने चेतावनी दी। भेलूपुर थाना क्षेत्र निवासी अरूण पाठक ने  ट्विटर पर लिखा कि यदि हमारे धर्माचार्यों के साथ  कानून व्यवस्था की दुहाई देकर वाराणसी पुलिस ने बदतमीजी करने का प्रयास किया तो काशी के हर मंदिर में रक्ताभिषेक होगा। इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों के ऑफिस में घुस कर रक्ताभिषेक होगा।

 71 लोगों के साथ गंगा के रास्ते ज्ञानवापी जाने का था एलान

श्री विद्यामठ के बाहर तैनात फोर्स - फोटो : अमर उजाला
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया था कि वह शंकराचार्य के आदेश पर शनिवार को श्री विद्यामठ से सुबह 8:30 बजे नौका से केदारघाट से ललिताघाट पहुंचेंगे। वहां से गंगाजल लेकर शिवलिंग की पूजा के लिए जाएंगे। उनके साथ एक ब्रह्मचारी, 64 भक्त और पांच पंडित रहेंगे। उन्होंने कहा कि वो किसी भी तरह का उन्माद या अशांति नहीं फैलाएंगे, लेकिन वो पूजा करने जरूर जाएंगे।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पूजा के लिए पुलिस कमिश्नरेट से इजाजत मांगी थी जिसको खारिज कर दिया गया। बता दें कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने ज्ञानवापी परिसर स्थित जिस स्थान पर जाकर पूजा-अर्चना की अनुमति मांगी थी, वह अदालत के आदेश से 16 मई से ही सील है। उस स्थान से संबंधित मुकदमा अदालत में विचाराधीन है। 

ज्ञानपापी मामले में संत समाज मुखर, गहराता जा रहा विवाद

ज्ञानवापी मस्जिद में शिवलिंग के पूजन का मामला जोर पकड़ने लगा है। इसे लेकर अब संत समाज मुखर हो उठा है। ज्ञानवापी प्रकरण पर न्यायालयों में दायर याचिकाएं विचाराधीन है। वाराणसी जिला कोर्ट जुलाई में मुकदमे की पोषणीयता पर सुनवाई करेगी। इस बीच संत समाज ने आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है।
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तीन दिन पहले गोवर्धनपीठ, पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने काशी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि ज्ञानवापी परिसर हिंदुओं को सौंप देना चाहिए। इसके एक दिन बाद ज्योतिष एवं द्वारका शारदापीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य अविमुक्तेश्वरानंद ने ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग की पूजा करने का एलान कर दिया। फिर शुक्रवार को काशी धर्म परिषद की बैठक में संतों ने शिवलिंग की पूजा की मांग की। काशी के संतों ने कानूनी तौर पर पूजा के अधिकार को मांगने का फैसला किया।
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