फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गर दीया प्रेम का तेरे हाथों जले, बन के बाती स्वयं को जला लूंगी

विज्ञापन
विज्ञापन
नववर्ष के स्वागत में रविवार को अलाव काव्य संध्या सजाई गई। अलाव तापते हुए चूड़ा मटर, चिनिया बादाम और व्यंजनों का आनंद लेते हुए कवियों ने काव्य पाठ किया। शनिवार साहित्यिक संस्था के वार्षिक आयोजन में शहर की नवोदित प्रतिभाओं ने मंच साझा किया।
विज्ञापन

रविवार को अलाव काव्य संध्या की शुरूआत विकास पांडेय ने मस्ती में झूमें गाएं, सबको इक्कीसवां साल मुबारक से किया। इसके बाद धीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने पप्पू जी की शादी... से हास्य रस और शुभम शास्त्री ने ड्रैगन के विरूद्ध आज युद्ध...से वीर रस का संचार किया। सान्या राय ने गर दिया प्रेम का तेरे हाथों जले, बन के बाती स्वयं को जला लूंगी की सराहनीय प्रस्तुति दी। इसकेअलावा कार्तिकेय मिश्रा, बसंत यादव, आशीष त्रिपाठी, अंबरीश ठाकुर ने काव्य पाठ किया। इस अवसर पर बनारस बार के नवनिर्वाचित मंत्री विवेक सिंह, डॉ. अनुराग टंडन को सम्मानित किया गया। स्वागत जगदंबा तुलस्यान और सचिव सांड़ बनारसी ने स्वागत किया। इस अवसर पर नंद कुमार टोपीवाले, विवेकशंकर तिवारी, स्नेहलता, विजय मिश्र, धीरेंद्र श्रीवास्तव, असद आजमी, डंडा बनारसी मौजूद रहे। संचालन दमदार बनारसी ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें