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अखिल भारतीय संत समिति की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का समापन

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अखिल भारतीय संत समिति की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक रविवार को राष्ट्रनिर्माण और हिंदू धर्म की अस्मिता के संरक्षण के संकल्प के साथ समाप्त हुई। सरकार द्वारा मंदिर व्यवस्था में बदलाव पर भी संत समाज ने नसीहत देते हुए कहा कि बदलाव के लिए समिति बनाकर ही परिवर्तन किया जाए। समागम के अंत में संतों ने इस वर्ष के दिसंबर माह में प्रयागराज कुंभ क्षेत्र में जुटने का संकल्प लिया।
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दुर्गाकुंड स्थित श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय में रविवार को संत समागम की अध्यक्षता करते हुए जगद्गुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि कई बार सरकारें भी हिंदू मान्यताओं को लेकर विरोधाभास की स्थिति में रहीं हैं। वह मुस्लिम और ईसाईयों के संस्थान व संपत्ति के स्रोतों पर कभी दृष्टिपात नहीं करती हैं। यह हमारे सनातन हिंदू संस्कृति के लिए अच्छी दृष्टि नहीं है। वर्तमान सरकार ने सनानत संस्कृति के विस्तार के कार्य किए हैं जो प्रशंसनीय हैं। यदि सरकार किसी भी प्रकार के परिवर्तन मंदिरों में करना चाहती है तो वह समिति बनाकर ही किसी भी प्रकार का परिवर्तन करे।
अखिल भारतीय संत समिति के निदेशक जगद्गुरु रामानुजाचार्य वासुदेवाचार्य ने कहा कि हमें भारत के सभी मठों और धर्मस्थलों को प्रमुखता से संरक्षण करना होगा। साधु ने समाज की सुरक्षा के लिए सदैव आगे बढ़कर कार्य किया है। आवश्यकता पड़ने पर संत समाज ने सरकार का भी सहयोग किया, लेकिन हमें स्वयं संगठित प्रयासों द्वारा संत समाज के हितों के लिए भी तत्पर रहना होगा तभी हम सुरक्षित रह पाएंगे। बृजेश पाठक, गोविंद शर्मा, मयंक कुमार, विनय तिवारी, अजय उपाध्याय का सम्मान हुआ। इस दौरान डॉ. सुनील मिश्रा, सुधीर सिंह, हरिहर पांडेय, मदनमोहन यादव, रामप्रसाद सिंह, आरपी सिंह, अमन विश्वकर्मा, राजेश प्रजापति, अखिलेश पाठक, नवीन तिवारी आदि रहे।
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पीएम और प्रदेश सरकार को दिया धन्यवाद
संतों ने पीएम नरेंद्र मोदी और प्रदेश सरकार को अयोध्या में वाल्मीकि रामायण में वर्णित अयोध्या के मूल स्वरूप को वापस लाने से लेकर अयोध्या के दिव्यतम एवं भव्यतम विकास के साथ श्रीकाशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के निर्माण के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही प्रदेश के अन्य तीर्थ स्थल मथुरा, वृंदावन, चित्रकूट, नैमिषारण्य, शुक्रताल, देवीपाटन आदि सभी तीर्थों के सम्यक विकास का खाका खींचने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
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