अपनाकर अपनेपन को अपनापन अकसर देते हैं, खुद को मरहम कर लेते हैं और जख्म सभी भर देते हैं। हिम्मत के धागे टूटे तो उसके पास चले जाना। दोस्त हौसलों के दर्जी हैं, मुफ्त रफू कर देते हैं। अनामिका अंबर ने इन रचनाओं से काशी में होने वाले आयोजन को लेकर लोगों में जोश भरने की कोशिश की है। वह खुद भी आयोजन को लेकर बहुत उत्साहित हैं। उन्होंने 41 सेकेंड का अपना एक वीडियो जारी कर लोगों से रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आने की अपील की है।