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सौर ऊर्जा से जगमगाएगी काशी: निकाय चुनाव के बाद शुरू होगा काम, बोट और ई रिक्शा सब सोलर से चलेंगे

Sat, 22 Apr 2023 11:14 AM IST
किरन रौतेला अभिषेक मिश्र, अमर उजाला, वाराणसी

सार

रामलला की जन्मभूमि अयोध्या के साथ ही महादेव की नगरी काशी को सोलर सिटी के रूप के विकसित किया जाएगा। शहर की गलियां, सड़कें, चौराहे और प्रमुख प्रतिष्ठान आदि सोलर लाइट से रोशन होंगे। बिजली खपत कम करने की यह योजना सफल हुई तो अपना बनारस देश में नजीर पेश करेगा।
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सौर ऊर्जा - फोटो : डेमो पिक
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विस्तार
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दुनिया की सबसे प्राचीन नगरी काशी आने वाले दिनों में सौर ऊर्जा से जगमगाएगी। गंगा घाट से लेकर शहर के चौराहों और गलियों को सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था से लैस किया जाएगा। इसके साथ ही गंगा में सोलर बोट और सड़कों पर सौर ऊर्जा आधारित ई रिक्शा के भी संचालन की तैयारी है। गैर परंपरागत ऊर्जा विकास एजेंसी (नेडा) ने वाराणसी नगर निगम से सोलर सिटी के लिए प्रस्ताव मांगा है। नगर निगम की कार्ययोजना के अनुसार शासन नेडा को बजट मुहैया कराएगा। उम्मीद है कि निकाय चुनाव के बाद इस योजना पर काम शुरू हो।

रामलला की जन्मभूमि अयोध्या के साथ ही महादेव की नगरी काशी को सोलर सिटी के रूप के विकसित किया जाएगा। शहर की गलियां, सड़कें, चौराहे और प्रमुख प्रतिष्ठान आदि सोलर लाइट से रोशन होंगे। बिजली खपत कम करने की यह योजना सफल हुई तो अपना बनारस देश में नजीर पेश करेगा। पहले चरण में यूपी नेडा ने शहर की बिजली खपत के 10 फीसदी भाग को सौर ऊर्जा आधारित करेगा। इसके बाद अगले तीन चरणों में इसे 50 फीसदी तक पहुंचाया जाएगा।

 

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सौर ऊर्जा - फोटो : सोशल मीडिया

रविदास घाट से नमो घाट तक सोलर बोट

केरल की तर्ज पर वाराणसी में जल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए सितंबर महीने से सोलर बोट का संचालन शुरू किया जाएगा। रविदास घाट से नमो घाट तक चलने वाली सोलर बोट का पड़ाव काशी विश्वनाथ धाम घाट होगा। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत संचालित होने वाली इस सेवा में सैलानियों को अलग अनुभव होगा। ऐसे ही शहर में ई रिक्शा को भी सोलर आधारित बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा नीति 2022 के तहत होगा काम

योजना के तहत बनारस को सोलर सिटी के तौर पर विकसित किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने गैर ऊर्जा स्रोतों से बिजली उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दिया है। साथ ही पांच वर्षों में 22 हजार मेगावाट उत्पादन क्षमता हासिल करने का लक्ष्य है।

 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

चार चरणों में पूरी होगी योजना

सोलर सिटी के रूप काशी को विकसित करने के लिए चार चरणों में योजना बनाई गई है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में भेलूपुर में 250 एमएलडी क्षमता के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को सोलर से संचालित किया जा रहा है। यहां 17.24 करोड़ रुपये से तैयार दो मेगावाट के सोलर पावर प्लांट से जलकल विभाग प्रतिमाह 90 लाख रुपये की बचत कर रहा है। पहले इस प्लांट के संचालन में प्रतिमाह औसतन 90 लाख रुपये का बिजली बिल जमा कराया जाता था।

ये होंगे फायदे

सड़कों से हट जाएंगे बिजली के खंबे

तारों के जंजाल से निजात मिलेगी

प्रदूषण में कमी आएगी

सोलर पार्क स्थापित करने में अनुदान मिलेगा

निगम को बिजली के बिल से छुटकारा मिलेगा

शहर में ये होंगे काम

स्मार्ट सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी

सोलर हेरिटेज

सोलर पार्क बनाए जाएंगे

शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए सोलर कियोस्क लगेंगे

ई रिक्शा चार्जिंग स्टेशन बनेगा

सरकारी, अर्ध सरकारी व निजी भवनों पर सोलन पैनल लगेंगे

वेंडिंग जोन सोलर युक्त होंगे

नगर निगम को पत्र लिखकर योजना के तहत कराए जाने वाले कार्यों का प्रस्ताव मांगा है। प्रस्ताव को शासन से मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। शासन से बजट यूपी नेडा को मिलेगा। निकाय चुनाव बीतते ही काम शुरू होगा। - प्रेम प्रकाश सिंह, परियोजना अधिकारी नेडा, वाराणसी

सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम की बिजली आधारित व्यवस्था को सोलर पर शिफ्ट करने की योजना है। इसमें सरकारी भवनों को शामिल किया गया है। सितंबर से सोलर बोट का भी संचालन शुरू करा दिया जाएगा।- कौशल राज शर्मा, मंडलायुक्त

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