वाराणसी। अब काशी विश्वनाथ मंदिर में कोई भी व्यक्ति सेवा का दान कर सकता है। इसके लिए पहले नि:शुल्क रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बाद श्रद्धालु चल-अचल संपत्ति के अलावा श्रम और सेवा दान भी कर सकेंगे। इसमें बाबा के मंदिर और गर्भ गृह की सफाई से लेकर लॉकर और जूता स्टैंड की जिम्मेदारी संभालना भी शामिल है। यह व्यवस्था पंजाब के स्वर्ण मंदिर की तर्ज पर की गई है। काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से यह व्यवस्था जल्द ही शुरू हो जाएगी।
व्यवस्था के तहत अगर आप चिकित्सक हैं, इंजीनियर हैं तो भी मंदिर में नि:शुल्क सेवा दे सकते हैं। मंदिर की ओर से दान की पांच श्रेणियां बनाई गई हैं। इसमें नगद दान, सामग्री और वस्तु दान, कार्य संदर्भित दान, परियोजना संदर्भित दान और श्रमदान शामिल हैं। कार्य संदर्भित दान का मतलब, अगर आप गायक है तो मंदिर में भजन कीर्तन कर सकते हैं। चिकित्सक है तो चिकित्सा सेवा, कलाकार है तो अपनी कला का प्रदर्शन, वास्तुकार, अभियंता, लेखक, योजनाकर्ता और निर्माता है तो भी सेवाएं दे सकते हैं। श्रम दान में पेयजल वितरण, वृद्धों और दिव्यांगों की सेवा, जूते चप्पल व्यवस्थित करने की सेवा, मंदिर की साफ सफाई, मंदिर के आसपास की गलियों में स्वच्छता अभियान, नि:शुल्क लॉकर व्यवस्था, अन्न क्षेत्र में भोजन वितरण शामिल है। अन्य दान में अन्न क्षेत्र का खर्च, नि:शुल्क दवाएं, अन्न दान, पेयजल आपूर्ति, विद्युत संबंधी कार्य कर सकते हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ विशाल सिंह ने बताया कि श्रद्धालु इसके लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर बाबा की सेवा का अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
अब 450 रुपये में कर पाएंगे रूद्राभिषेक
वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने रूद्राभिषेक अब सस्ता कर दिया है। सावन में भीड़ को देखते हुए मंदिर न्यास ने दर्शन और रूद्राभिषेक के टिकट 700 रुपये कर दिया था। लेकिन अब मंदिर प्रशासन ने इसे घटाकर 450 रुपये कर दिया है। मंदिर प्रशासन का मानना है कि इससे आम श्रद्धालु भी सावन में बाबा का रूद्राभिषेक कर सकेंगे। हेल्प डेस्क के प्रभारी सचीश मिश्रा ने बताया कि कम किए गए रेट बुधवार से ही लागू कर दिए गए हैं।