सायंकाल काशीवासी परंपरानुसार शहनाई की मंगल ध्वनि और डमरूओं के निनाद के बीच तिलकोत्सव की रस्म पूरी करेगें। सात थाल में तिलक की सामग्री लेकर समाजसेवी केशव जालान काशीवासीयों की ओर से बाबा को तिलक चढाएंगे। तिलकोत्सव की शोभायात्रा महंत आवास पहुंचने पर पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी के सानिध्य में तिलकोत्सव की रस्म पूरी की जाएगी
पंचबदन रजत प्रतिमा की होगी मंगला आरती
पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने बताया कि बसंत पंचमी पर सायंकाल बाबा विश्वनाथ की पंचबदन रजत प्रतिमा का तिलकोत्सव टेढ़ीनीम महंत आवास पर होगा। तिलकोत्सव के पूर्व भोर 04 से 04:30 बजे तक बाबा विश्वनाथ की पंचबदन रजत मूर्ति की मंगला आरती के साथ आयोजन की शुरुआत होगी।
06 से 08 बजे तक ग्यारह ब्राह्मणों द्वारा चारों वेदों की ऋचाओं के पाठ के साथ बाबा का दुग्धाभिषेक करने के बाद बाबा को फलाहार का भोग अर्पित किया जायगा। दोपहर भोग आरती के बाद बाबा विश्वनाथ की रजत प्रतिमा का विशेष राजसी शृंगार के बाद सायंकाल पांच बजे से प्रतिमा का दर्शन श्रद्धालुओं को होगा। शाम सात बजे लग्नानुसार बाबा का तिलकोत्सव किया जाएगा।