इसके साथ ही संगम तीर्थ जल आदान-प्रदान योजना से समस्त ज्योतिर्लिंगों को जोड़ने का अनुमोदन हुआ। धाम की सुरक्षा के लिए कंट्रोल रूम एवं कैमरों का आधुनिकीकरण एवं अपग्रेडेशन किया जाएगा। इसके साथ ही दैनिक दर्शनार्थियों के परिचय पत्रों के समय-समय पर नवीनीकरण का भी अनुमोदन हुआ।
संकट हरण हनुमान मंदिर के विकास के साथ ही परिसर में गोशाला का आधुनिकीकरण, नगर के समस्त माध्यमिक संस्कृत विद्यालयों को वस्त्र, पुस्तकें, कंबल, स्वेटर, यूनिफार्म की खरीद के लिए उनके खाते में धनराशि भेजी जाएगी। दंडी संन्यासियों को प्रतिदिन प्रसाद, भोजन एवं दक्षिणा प्रदान करने का अनुमोदन हुआ।
धाम में स्थापित होगा डिजिटल संग्रहालय, कर्मियों का बढ़ेगा मानदेय
विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद एवं कार्यपालक समिति की बैठक में बैलेंस शीट का अनुमोदन, विभिन्न श्रेणी के कार्मिकों के मानदेय को औचित्यपूर्ण बनाने का निर्णय, धाम में अत्याधुनिक डिजिटल संग्रहालय स्थापित किए जाने का प्रस्ताव, धाम की व्यावसायिक गतिविधियों को गति देने के लिए इम्पोरियम में रिक्त स्थलों का आवंटन, धाम में निर्मित परिसंपत्तियों के संचालन के लिए किराया दरों का पुनरीक्षण, मंदिर में कार्यरत पूर्णकालिक कार्मिकों के लिए गत वर्ष की भांति महंगाई भत्ते में वृद्धि, परिषद द्वारा विकसित विशेषज्ञता एवं एसओपी को कंसल्टेंसी सेवाओं के रूप में उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया। जिससे परिषद की आयवृद्धि के नए मार्ग प्रशस्त होंगे।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि परिषद द्वारा विकसित तकनीकी समाधान, एसओपी एवं प्रबंधन सुविधाओं को इच्छुक संस्थाओं को नियत शुल्क पर उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही धाम की गतिविधियों का और अधिक आधुनिकीकरण एवं सुदृढ़ीकरण संभव हो सकेगा।
बैठक में ये रहे शामिल
बैठक में न्यास के सदस्य सचिव एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण, कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा, प्रमुख सचिव न्याय के प्रतिनिधि बालाकृष्ण एन रंजन, विशेष सचिव एवं अपर विधि परामर्श, वित्त विभाग के प्रतिनिधि मुख्य कोषाधिकारी, अपर पुलिस उपायुक्त तथा भारतीतीर्थ महास्वामी के प्रतिनिधि, श्रीश्री जगद्गुरु शंकराचार्य महासंस्थानम् दक्षिणाम्नाय, श्री शारदापीठम्, श्रृंगेरी, कर्नाटक सहित अन्य सदस्य सम्मिलित हुए।