मंगला आरती, मध्याह्न आरती, सप्त ऋषि आरती, भोग श्रृंगार आरती और शयन आरती सुन सकेंगे। मंदिर प्रशासन की ओर से कई भाषाओं में दिशा निर्देश प्रसारित किए जाएंगे। सुबह पंचांग तिथि, बाबा श्रृंगार और उसका महात्म्य बताया जाएगा। मंदिर में लगातार बजने वाले शिव के भजन भी सुन सकेंगे। कार्यक्रम रात्रि 11 बजे तक प्रसारित किए जाएंगे।