करीब 15 दिन पूर्व अत्यधिक भीड़ के कारण सुगम दर्शन के टिकट की बिक्री रोक दी गई थी। वहीं कोविड के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मंगला आरती के टिकट की बिक्री भी रोक दी गई थी।
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मकर संक्रांति पर काशी की परंपरा के अनुसार बाबा दरबार से लेकर शहर के मंदिरों में खिचड़ी भोग की परंपरा निभाई गई। काशी विश्वनाथ मंदिर में कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार बाबा को खिचड़ी का भोग प्रसाद अर्पित किया गया। शनिवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में मध्याह्न भोग आरती में बाबा को खिचड़ी भोग अर्पित किया गया।
बाबा के भोग को श्रद्धालुओं में प्रसाद स्वरूप वितरित किया गया। वहीं विश्वनाथ गली के मुख्य गेट के सामने मौजूद खिचड़ी बाबा के मंदिर पर भी खिचड़ी के प्रसाद के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। शहर के अन्य मंदिरों में भगवान को भोग लगाने के बाद खिचड़ी के प्रसाद का वितरण शुरू हुआ तो हर-हर महादेव से मंदिरों का प्रांगण भी गूंज उठा।
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काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव रविवार को राजा के रूप में भक्तों का दर्शन देंगे। महंत सुमित उपाध्याय ने बताया कि मंदिर के गर्भगृह में भोर चार बजे से मध्यान्ह 12 बजे तक बाबा भक्तों दर्शन देंगे। दर्शन के दौरान भक्तों को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। इस दौरान देश में कोरोना महामारी के खात्मे के लिए विशेष प्रार्थना की जाएगी।