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काशी विश्वनाथ मंदिर: रुद्राक्ष के डेढ़ लाख दानों से सजेंगे महादेव, तीन दिन बाद पूर्णिमा पर होगा झूला शृंगार

Mon, 24 Aug 2026 10:34 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा के रुद्राक्ष शृंगार की तैयारियां सोमवार की सुबह से शुरू हो गई। करीब आठ से 10 घंटे में चल प्रतिमा को रुद्राक्ष से सजाकर तैयार किया जाएगा।
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काशी विश्वनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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काशी में आज महादेव के दिव्य रुद्राक्ष रूप के दर्शन होंगे। सावन के अंतिम सोमवार पर बाबा का रुद्राक्ष शृंगार होगा। रुद्राक्ष के डेढ़ लाख दानों से सजे बाबा विश्वनाथ के ज्योतिर्लिंग और शिव-शक्ति की चल प्रतिमा की आरती की जाएगी। फिर दो घंटे तक भक्तों को बाबा के इस महास्वरूप के झांकी दर्शन का अवसर मिलेगा।

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सावन के अंतिम सोमवार पर यानी आज अनुमान है कि मंगला आरती से लेकर शयन आरती तक करीब छह लाख से ज्यादा दर्शनार्थी बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक कर सकते हैं। तीन दिन के बाद 27 अगस्त को बाबा विश्वनाथ का झूला शृंगार किया जाएगा।

बाबा के रुद्राक्ष शृंगार की तैयारियां सोमवार की सुबह से शुरू हो गई। करीब आठ से 10 घंटे में चल प्रतिमा को रुद्राक्ष से सजाकर तैयार किया जाएगा। शाम को बाबा की चल प्रतिमा का रुद्राक्ष शृंगार गर्भगृह में आने से पहले सजी-धजी होगी। सभी शृंगार में ये सबसे कठिन और खास माना जाता है। 

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गंगा द्वार से आवागमन पर रोक 
गंगा द्वार छोड़कर सभी छह गेट से भक्तों की कतारों को मंदिर में प्रवेश कराया जा रहा है। मैदागिन, दशाश्वमेध घाट, चौक, गोदौलिया, बांसफाटक के गेट नंबर 4, काशी द्वार 4बी, नंदुफेरिया, सिल्को गली और सरस्वती फाटक से भक्तों के प्रवेश का रास्ता है। गोदौलिया से मैदागिन तक नो व्हीकल जोन है। वृद्ध और दिव्यांग श्रद्धालुओं सहित विशेष भक्तों के लिए निशुल्क गोल्फ कार्ट चलाए जा रहे हैं। मंदिर परिसर में तीन चिकित्सा सहायता केंद्र बनाए गए हैं। भक्तों को निशुल्क एंबुलेंस भी मिलेगी। बहुभाषी कर्मचारियों की तैनाती की गई है। खोया-पाया केंद्र और सात स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाई हैं।
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बनीं कई अस्थायी पुलिस चौकियां 
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अस्थायी पुलिस चौकियां बनाई गईं हैं। उफान पर आईं गंगा के मद्देनजर घाटों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। कांवड़ मार्ग पर लगातार पेट्रोलिंग और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर ड्रोन से निगरानी की जा रही है। 
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